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Nagpur news: क्या सरकार मेरी हत्या का इंतज़ार कर रही है? NCP नेता Vikas Lavande के आरोपों से मची सियासी हलचल

Nagpur news: क्या सरकार मेरी हत्या का इंतज़ार कर रही है? NCP नेता Vikas Lavande के आरोपों से मची सियासी हलचल

सुरक्षा नहीं मिली तो सरकार पर भड़के NCP नेता Vikas Lavande

Nagpur में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार गुट) के मुख्य प्रवक्ता Vikas Lavande ने ऐसे आरोप लगाए, जिनकी चर्चा अब पूरे महाराष्ट्र में हो रही है। लवांडे ने दावा किया कि उन्हें और उनके परिवार को गंभीर खतरा है, लेकिन बार-बार गुहार लगाने के बावजूद सरकार और पुलिस प्रशासन ने उनकी सुरक्षा को लेकर कोई कदम नहीं उठाया।

मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने बेहद तल्ख अंदाज़ में सवाल किया कि आखिर क्या सरकार उनकी हत्या होने का इंतज़ार कर रही है? उनका कहना था कि उन्होंने कई बार लिखित रूप से सुरक्षा की मांग की, मगर हर बार उनकी बात को नज़रअंदाज़ कर दिया गया।

लवांडे के इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में नई बहस छिड़ गई है। विपक्ष इसे लोकतांत्रिक आवाज़ों को दबाने की कोशिश बता रहा है, जबकि सत्ता पक्ष की ओर से अब तक कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

गिरफ्तारी को बताया गैरकानूनी, अदालत का लिया सहारा

प्रेस कॉन्फ्रेंस में Vikas Lavande ने वाघोली पुलिस की कार्रवाई पर भी जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि शरद पवार के विचारों को खुलकर सामने रखने की वजह से उन्हें परेशान किया गया और कोर्ट परिसर से की गई उनकी गिरफ्तारी पूरी तरह गैरकानूनी थी।

Vikas Lavande का दावा है कि बाद में अदालत ने उनकी रिहाई का आदेश दिया और पुलिस की कार्रवाई पर सवाल भी उठे। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले में न्याय पाने के लिए उन्होंने अदालत में याचिका दाखिल कर दी है और अब वे कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं।

उनका कहना था कि लोकतंत्र में हर व्यक्ति को अपनी राय रखने का हक है, लेकिन अगर किसी को उसके विचारों की वजह से निशाना बनाया जाए तो यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए अच्छा संकेत नहीं है।

असली मुद्दों से ध्यान भटकाने का आरोप

Vikas Lavande ने राज्य सरकार पर एक और बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि महाराष्ट्र में महंगाई, बेरोज़गारी और बढ़ते अपराध जैसे अहम मुद्दों से लोगों का ध्यान हटाने की कोशिश की जा रही है।

उन्होंने कहा कि आम जनता रोजमर्रा की परेशानियों से जूझ रही है। युवाओं के सामने रोजगार का संकट है, किसान आर्थिक दबाव झेल रहे हैं और महंगाई ने आम आदमी का बजट बिगाड़ दिया है। लेकिन इन मुद्दों पर बात करने के बजाय समाज को जाति और धर्म के नाम पर बांटने की राजनीति की जा रही है।

लवांडे का कहना है कि जब जनता सवाल पूछती है तो उसे असली मुद्दों से भटकाकर दूसरी बहसों में उलझा दिया जाता है।

युवाओं के ब्रेनवॉश की साज़िश?

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने कुछ संगठनों पर भी गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना था कि कुछ जगहों पर युवाओं को खास विचारधारा के प्रभाव में लाने की कोशिश हो रही है।

Vikas Lavande के मुताबिक युवाओं को इस तरह तैयार किया जा रहा है कि वे समाज के एक वर्ग को अपना दुश्मन समझने लगें। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र की पहचान हमेशा भाईचारे, सामाजिक एकता और संतों की शिक्षाओं से रही है। ऐसे में नफरत फैलाने वाली सोच राज्य के लिए नुकसानदायक साबित हो सकती है।

उन्होंने कहा कि युवाओं को रोजगार, शिक्षा और विकास की दिशा में आगे बढ़ाने की जरूरत है, न कि उन्हें विवादों और टकराव की राजनीति में धकेलने की।

वारकरी परंपरा को लेकर भी लगाए गंभीर आरोप

Vikas Lavande ने महाराष्ट्र की मशहूर वारकरी परंपरा का जिक्र करते हुए कहा कि कुछ लोग इसके नाम का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि वारकरी के भेष में कुछ तत्व गुंडागर्दी कर रहे हैं और उन्हें राजनीतिक संरक्षण भी मिल रहा है।

लवांडे का दावा है कि इन्हीं लोगों ने उनके साथ धक्का-मुक्की और बदसलूकी की थी। उन्होंने कहा कि वारकरी परंपरा प्रेम, शांति और भक्ति का संदेश देती है, लेकिन कुछ लोग इसके नाम पर माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं।

हालांकि इन आरोपों पर अभी तक किसी संबंधित संगठन या व्यक्ति की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

“जान चली जाए, लेकिन पीछे नहीं हटूंगा”, प्रेस कॉन्फ्रेंस के आखिर में विकास लवांडे ने भावुक अंदाज़ में कहा कि चाहे उन्हें कितनी भी मुश्किलों का सामना करना पड़े, वे अपने सिद्धांतों और विचारों की लड़ाई से पीछे नहीं हटेंगे।

उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र के महापुरुषों ने हमेशा सहिष्णुता, इंसाफ और सामाजिक एकता का रास्ता दिखाया है। वे उसी राह पर चल रहे हैं और आखिरी सांस तक इस लड़ाई को जारी रखेंगे।

लवांडे ने यह भी कहा कि उन्हें देश की न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा है और उन्हें उम्मीद है कि अदालत से उन्हें न्याय मिलेगा।

अब सबकी नज़र सरकार के अगले कदम पर

Vikas Lavande के आरोपों ने महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल बढ़ा दी है। अब लोगों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि राज्य सरकार और गृह विभाग इस पूरे मामले पर क्या रुख अपनाते हैं।

अगर उनके सुरक्षा संबंधी दावों की जांच होती है, तो आने वाले दिनों में कई नए तथ्य सामने आ सकते हैं। फिलहाल इतना जरूर है कि नागपुर से उठी यह सियासी आवाज़ अब पूरे महाराष्ट्र में चर्चा का विषय बन चुकी है और आने वाले दिनों में यह मुद्दा और ज्यादा गरमा सकता है।

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