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E-85 और Ethanol से Maharashtra के किसानों की बढ़ेगी कमाई, जानिए क्या बोले Devendra Fadnavis

E-85 और Ethanol से Maharashtra के किसानों की बढ़ेगी कमाई, जानिए क्या बोले Devendra Fadnavis

Maharashtra में इस साल मानसून को लेकर फिक्र बढ़ती जा रही है। मौसम से जुड़ी ताजा रिपोर्ट्स में अल नीनो के असर की बात कही गई है, जिसके चलते राज्य के कई इलाकों में बारिश कम होने का अंदेशा जताया जा रहा है।

इसी बीच मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis ने लोगों को यकीन दिलाया है कि सरकार हालात पर पूरी नजर बनाए हुए है और किसी भी संभावित मुश्किल से निपटने के लिए पहले से तैयारी शुरू कर दी गई है।

मुख्यमंत्री का कहना है कि अगर बारिश उम्मीद से कम हुई तो कुछ इलाकों में पानी की किल्लत बढ़ सकती है। ऐसे में किसानों को भी सोच-समझकर फैसले लेने की सलाह दी जा रही है ताकि उन्हें बाद में नुकसान का सामना न करना पड़े।

El nino ने बढ़ाई टेंशन

Devendra Fadnavis ने बताया कि इस साल अल नीनो के असर की वजह से पूरे देश में औसतन 92 फीसदी बारिश होने का अनुमान लगाया गया है। लेकिन महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में यह आंकड़ा और भी कम रह सकता है।

उन्होंने खास तौर पर मराठवाड़ा, पश्चिमी विदर्भ, उत्तर महाराष्ट्र और सूखा प्रभावित इलाकों का जिक्र किया, जहां बारिश सामान्य से कम रहने की आशंका है। यही वजह है कि सरकार अभी से एहतियाती कदम उठाने में जुट गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सिर्फ औसत बारिश के आंकड़े देखकर तसल्ली नहीं की जा सकती, क्योंकि कई बार कुछ इलाकों में अच्छी बारिश हो जाती है और कुछ जगहों पर हालात बेहद खराब रहते हैं।

किसानों से जल्दबाजी न करने की अपील

मुख्यमंत्री ने किसानों को साफ तौर पर सलाह दी कि वे पहली बारिश होते ही खेतों में बुवाई शुरू न कर दें। उन्होंने कहा कि जब तक अच्छी और लगातार बारिश न हो जाए, तब तक इंतजार करना ज्यादा बेहतर रहेगा।

उनके मुताबिक कई किसान शुरुआती बारिश देखकर बीज बो देते हैं, लेकिन अगर बाद में बारिश रुक जाए तो फसल खराब होने का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे हालात में दोबारा बुवाई करनी पड़ती है, जिससे जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ता है।

Devendra Fadnavis ने कहा कि किसानों को कृषि विभाग और मौसम विभाग की सलाह के मुताबिक ही आगे बढ़ना चाहिए। इससे नुकसान की गुंजाइश काफी कम हो जाएगी।

पानी की किल्लत से निपटने की तैयारी

संभावित जल संकट को देखते हुए सरकार ने प्रशासन को पहले से अलर्ट कर दिया है। जल संसाधन विभाग, कृषि विभाग और स्थानीय प्रशासन को पानी के बेहतर प्रबंधन के लिए जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।

सरकार की कोशिश है कि अगर बारिश कम भी हो तो लोगों को पीने के पानी और खेती के लिए ज्यादा परेशानी न झेलनी पड़े। इसके लिए जलाशयों और अन्य जल स्रोतों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार सिर्फ हालात बिगड़ने का इंतजार नहीं कर रही, बल्कि पहले से ऐसी योजना तैयार कर रही है जिससे संकट का असर कम से कम हो।

ड्रग्स के खिलाफ सख्त रुख

Maharashtra में नशीले पदार्थों के खिलाफ चल रहे अभियान पर भी मुख्यमंत्री ने खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की ड्रग्स के मामले में “नो टॉलरेंस” यानी बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं करने की नीति है।

उनके मुताबिक अलग-अलग जांच एजेंसियां मिलकर काम कर रही हैं और सूचनाओं का आदान-प्रदान कर बड़े नेटवर्क तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।

फडणवीस ने कहा कि सिर्फ छोटे-मोटे सप्लायरों को पकड़ना काफी नहीं है, बल्कि पूरे गिरोह को जड़ से खत्म करना जरूरी है। सरकार इसी मकसद के साथ लगातार कार्रवाई कर रही है और आगे भी यह मुहिम जारी रहेगी।

Ethanol से किसानों के लिए नई उम्मीद

मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले वक्त में इथेनॉल उत्पादन Maharashtra की अर्थव्यवस्था और किसानों दोनों के लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकता है।

उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र देश में इथेनॉल उत्पादन के मामले में सबसे आगे रहने वाले राज्यों में शामिल है। केंद्र सरकार भी इथेनॉल आधारित ईंधन को बढ़ावा दे रही है, जिससे किसानों को अपनी फसलों का बेहतर दाम मिलने की उम्मीद है।

उनका मानना है कि इससे ग्रामीण इलाकों में रोजगार और आमदनी के नए मौके भी पैदा होंगे।

E-85 ईंधन से बढ़ेगी कमाई

Devendra Fadnavis ने कहा कि भविष्य में E-85 जैसे ईंधनों का इस्तेमाल बढ़ सकता है। यह ऐसा ईंधन है जिसमें इथेनॉल की मात्रा ज्यादा होती है।

महाराष्ट्र में बड़ी तादाद में किसान गन्ने की खेती करते हैं। अगर इथेनॉल की मांग बढ़ती है तो गन्ना उत्पादकों को सीधा फायदा मिलेगा। इससे उनकी आय में इजाफा होने की पूरी संभावना है।

सरकार को उम्मीद है कि इससे खेती को एक नई दिशा मिलेगी और किसानों की आर्थिक हालत मजबूत होगी।

पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर भी बोले मुख्यमंत्री

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रमुख शरद पवार द्वारा ईंधन और गैस की बढ़ती कीमतों पर दिए गए बयान का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सिर्फ भारत की नहीं बल्कि पूरी दुनिया की समस्या है।

उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रहे संघर्ष और आर्थिक अस्थिरता का असर तेल और गैस की कीमतों पर साफ दिखाई दे रहा है। दुनिया के लगभग हर देश में ईंधन महंगा हुआ है।

हालांकि उन्होंने भरोसा दिलाया कि केंद्र सरकार हालात पर लगातार नजर रख रही है और जनता के हित में सही समय पर जरूरी फैसले लिए जाएंगे।

आगे क्या?

फिलहाल Maharashtra के सामने सबसे बड़ी चुनौती बारिश को लेकर बनी अनिश्चितता है। अगर अल नीनो का असर ज्यादा हुआ तो कई इलाकों में खेती और पानी दोनों को लेकर मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं।

लेकिन सरकार का दावा है कि वह हर परिस्थिति के लिए तैयार है। किसानों को भी सलाह दी जा रही है कि वे जल्दबाजी से बचें, मौसम की जानकारी लेते रहें और सोच-समझकर खेती से जुड़े फैसले करें।

आने वाले कुछ हफ्ते महाराष्ट्र के लिए काफी अहम रहने वाले हैं। सबकी निगाहें अब मानसून और उसके रुख पर टिकी हुई हैं, क्योंकि अच्छी बारिश ही किसानों और आम लोगों की सबसे बड़ी राहत बन सकती है।

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