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Mahadev Ghat की सैर बनी जिंदगी का आखिरी सफर
Nagpur जिले के Kamptee क्षेत्र में स्थित Mahadev Ghat रविवार को एक बेहद दर्दनाक हादसे का गवाह बन गया। कन्हान नदी में नहाने के दौरान हुए हादसे में पिता-पुत्र समेत तीन लोगों की जान चली गई। इस घटना ने न केवल दोनों परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है, बल्कि पूरे इलाके में शोक और चिंता का माहौल पैदा कर दिया है।
मृतकों में छह वर्षीय मासूम चैतन्य गौतम अंबादे, उसके पिता गौतम राजकुमार अंबादे और उनके रिश्तेदार रोहित कैलास नागदेवे शामिल हैं। बताया जा रहा है कि सभी लोग छुट्टी का दिन बिताने और पिकनिक मनाने के लिए महादेव घाट पहुंचे थे, लेकिन किसी ने भी नहीं सोचा था कि यह खुशी का दिन इतनी बड़ी त्रासदी में बदल जाएगा।
पानी की गहराई का नहीं लगा अंदाजा
प्राथमिक जांच में सामने आया है कि पिकनिक के दौरान चैतन्य नदी के किनारे खेलते-खेलते पानी में उतर गया। शुरुआत में सब कुछ सामान्य लग रहा था, लेकिन कुछ ही देर में बच्चा गहरे पानी की तरफ चला गया और डूबने लगा।
जब पिता गौतम अंबादे की नजर अपने बेटे पर पड़ी तो उन्होंने बिना समय गंवाए उसे बचाने के लिए नदी में छलांग लगा दी। वहीं उनके साथ मौजूद रोहित नागदेवे भी मदद के लिए पानी में उतर गए।
लेकिन कन्हान नदी के उस हिस्से में पानी अपेक्षा से ज्यादा गहरा था। तीनों को पानी की वास्तविक गहराई का अंदाजा नहीं लग पाया और देखते ही देखते वे तेज बहाव और गहरे पानी में फंस गए।
बेटे को बचाने की कोशिश में चली गई पिता की जान
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, गौतम अंबादे अपने बेटे को बचाने के लिए लगातार संघर्ष कर रहे थे। लेकिन गहरे पानी और घबराहट की स्थिति में वे खुद भी संतुलन खो बैठे।
रोहित नागदेवे ने भी दोनों को बचाने की कोशिश की, मगर हालात इतने तेजी से बिगड़े कि वह भी पानी में समा गए। कुछ ही मिनटों में तीनों नदी के भीतर लापता हो गए।
घटना को देखकर आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। लोगों ने तुरंत शोर मचाकर अन्य लोगों को बुलाया और प्रशासन को सूचना दी।
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची Kamptee Police और बचाव टीम
घटना की जानकारी मिलते ही कामठी पुलिस और बचाव दल तत्काल महादेव घाट पहुंचे। स्थानीय लोगों की मदद से नदी में सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया।
काफी मशक्कत के बाद बचाव दल ने तीनों को पानी से बाहर निकाला। हालांकि तब तक बहुत देर हो चुकी थी। मेडिकल जांच में तीनों को मृत घोषित कर दिया गया।
Kamptee Police अधिकारियों ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटाई और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इसके साथ ही आकस्मिक मृत्यु का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
मृतकों की पहचान
पुलिस द्वारा जारी जानकारी के अनुसार हादसे में जान गंवाने वाले लोगों की पहचान इस प्रकार हुई है:
- रोहित कैलास नागदेवे (33 वर्ष), निवासी हॅलो कुंभारी कॉलोनी, कामठी
- गौतम राजकुमार अंबादे (31 वर्ष), निवासी जरीपटका, नागपुर
- चैतन्य गौतम अंबादे (6 वर्ष), निवासी जरीपटका, नागपुर
तीनों परिवारों के लिए यह घटना किसी बड़े सदमे से कम नहीं है।
परिवारों में पसरा मातम
जैसे ही हादसे की खबर परिवारों तक पहुंची, घरों में चीख-पुकार मच गई। सबसे ज्यादा दर्दनाक दृश्य उस समय देखने को मिला जब चैतन्य के परिजनों को उसके निधन की सूचना मिली।
एक तरफ छह साल के मासूम की मौत का दुख था, तो दूसरी तरफ बेटे को बचाने की कोशिश में जान गंवाने वाले पिता की कहानी सुनकर हर किसी की आंखें नम हो गईं।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। रिश्तेदार और आसपास के लोग परिवार को ढांढस बंधाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन इस दुख को शब्दों में बयां करना मुश्किल है।
Mahadev Ghat पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उठे सवाल
इस दर्दनाक हादसे के बाद Mahadev Ghat की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि छुट्टियों और सप्ताहांत पर यहां बड़ी संख्या में लोग घूमने और नहाने के लिए आते हैं।
हालांकि नदी के कई हिस्सों में पानी की गहराई काफी ज्यादा है, लेकिन वहां पर्याप्त चेतावनी बोर्ड, बैरिकेडिंग या सुरक्षा इंतजाम नजर नहीं आते।
लोगों का मानना है कि यदि खतरनाक क्षेत्रों को पहले से चिन्हित किया जाए और लोगों को सतर्क किया जाए तो ऐसे हादसों को काफी हद तक रोका जा सकता है।
बारिश के मौसम में बढ़ जाता है खतरा
विशेषज्ञों के अनुसार मानसून के दौरान नदियों का जलस्तर अचानक बढ़ सकता है। कई बार पानी ऊपर से सामान्य दिखाई देता है लेकिन नीचे गहराई और बहाव काफी ज्यादा होता है।
ऐसी स्थिति में बिना जानकारी के नदी में उतरना बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। बच्चों को कभी भी अकेले पानी के आसपास नहीं छोड़ना चाहिए और वयस्कों को भी पूरी सावधानी बरतनी चाहिए।
Kamptee Police ने शुरू की जांच
Kamptee Police ने मामले में आकस्मिक मृत्यु दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि घटना के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
फिलहाल शुरुआती जांच में यह एक दुखद दुर्घटना प्रतीत हो रही है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना के समय सुरक्षा संबंधी क्या व्यवस्थाएं मौजूद थीं और भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जा सकते हैं।
महादेव घाट में हुआ यह हादसा एक बार फिर याद दिलाता है कि नदी, झील या किसी भी जलाशय के पास छोटी सी लापरवाही कितनी बड़ी त्रासदी में बदल सकती है। एक मासूम बच्चे को बचाने की कोशिश में पिता और रिश्तेदार ने अपनी जान गंवा दी। कुछ ही मिनटों में एक खुशहाल पिकनिक मातम में बदल गई।
आज पूरा Nagpur इस दर्दनाक घटना से स्तब्ध है। हर किसी की जुबान पर यही सवाल है कि काश थोड़ी सी सावधानी बरती गई होती, तो शायद तीन जिंदगियां बचाई जा सकती थीं।
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