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Nagpur हिट एंड रन केस: 72 वर्षीय मुकुंद बाभरे की Death, CCTV फुटेज के बावजूद आरोपी अब तक फरार

Nagpur हिट एंड रन केस: 72 वर्षीय मुकुंद बाभरे की Death, CCTV फुटेज के बावजूद आरोपी अब तक फरार

Nagpur में सुबह की सैर पर निकले थे, लेकिन घर वापस नहीं लौट सके

Nagpur में एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। महाल इलाके के रहने वाले 72 वर्षीय मुकुंद बाभरे रोज़ की तरह सुबह टहलने निकले थे, लेकिन उन्हें क्या मालूम था कि यह उनकी ज़िंदगी की आख़िरी सुबह साबित होगी। एक तेज़ रफ्तार कार ने उन्हें ऐसी टक्कर मारी कि उनकी हालत नाज़ुक हो गई। कई दिनों तक अस्पताल में इलाज चला, मगर आखिरकार उन्होंने दम तोड़ दिया।

इस हादसे ने सिर्फ एक बुज़ुर्ग की जान नहीं ली, बल्कि शहर में सड़क सुरक्षा और पुलिस जांच को लेकर भी कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे हैरत की बात यह है कि पूरी वारदात CCTV कैमरे में कैद है, फिर भी आरोपी चालक अब तक पुलिस की पकड़ से दूर है।

क्या हुआ था उस सुबह?

मिली जानकारी के मुताबिक मुकुंद बाभरे महाल के झेंडा चौक इलाके में रहते थे। रविवार सुबह करीब साढ़े पांच बजे वह रोज़ की तरह मॉर्निंग वॉक के लिए घर से निकले थे। बदकस चौक से आयाचित मंदिर की तरफ जाते वक्त वह गजानन मंदिर के पास सड़क पार कर रहे थे।

इसी दौरान एक तेज़ रफ्तार कार अचानक वहां पहुंची और उन्हें ज़ोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि मुकुंद बाभरे कई फीट दूर जा गिरे। आसपास मौजूद लोगों ने फौरन उन्हें अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उनकी हालत गंभीर बताई।

कई दिनों तक इलाज चलता रहा, लेकिन चोटें इतनी गहरी थीं कि वह ज़िंदगी की जंग हार गए।

हादसे के बाद चालक मौके से भाग निकला

इस पूरे मामले में सबसे अफसोसनाक बात यह रही कि हादसे के बाद कार चालक रुका तक नहीं। टक्कर मारने के बाद वह मौके से फरार हो गया।

अगर वह इंसानियत दिखाते हुए घायल बुज़ुर्ग को अस्पताल पहुंचाने में मदद करता तो शायद हालात कुछ और हो सकते थे। लेकिन हादसे के बाद उसकी बेरुख़ी और भागने की कोशिश ने लोगों के गुस्से को और बढ़ा दिया है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क पर गलती हो सकती है, मगर हादसे के बाद जिम्मेदारी से भागना किसी भी सूरत में सही नहीं ठहराया जा सकता।

CCTV में कैद हुई पूरी वारदात

इस केस की सबसे अहम बात यह है कि पूरा हादसा CCTV कैमरे में रिकॉर्ड हुआ है। फुटेज में कार और दुर्घटना दोनों साफ दिखाई देने की बात सामने आई है।

आमतौर पर ऐसे मामलों में CCTV फुटेज पुलिस के लिए सबसे बड़ा सुराग साबित होता है। लेकिन यहां मामला उल्टा नज़र आ रहा है। घटना को कई दिन बीत चुके हैं, फिर भी आरोपी का कोई ठोस सुराग सामने नहीं आया।

यही वजह है कि अब आम लोग भी सवाल पूछ रहे हैं कि जब सबूत मौजूद हैं तो कार्रवाई इतनी धीमी क्यों है।

परिवार का दर्द और इंसाफ की उम्मीद

मुकुंद बाभरे के परिवार पर इस हादसे का गहरा असर पड़ा है। परिवार वालों का कहना है कि उन्होंने अपने घर के एक ऐसे बुज़ुर्ग को खो दिया जो पूरे परिवार का सहारा और सम्मान थे।

परिजनों का दर्द सिर्फ अपनों को खोने का नहीं है, बल्कि उन्हें इस बात का भी मलाल है कि आरोपी अब तक गिरफ्तार नहीं हो सका।

परिवार का कहना है कि अगर CCTV फुटेज मौजूद है तो फिर आरोपी को पकड़ने में इतनी देर क्यों लग रही है। उनका साफ कहना है कि उन्हें सिर्फ आश्वासन नहीं, बल्कि इंसाफ चाहिए।

हाईटेक पुलिसिंग के दावों पर उठ रहे हैं सवाल

पिछले कुछ वर्षों में Nagpur में CCTV नेटवर्क और हाईटेक पुलिसिंग को लेकर काफी दावे किए गए हैं। Nagpur शहर के कई इलाकों में आधुनिक कैमरे लगाए गए हैं ताकि अपराध और हादसों पर नज़र रखी जा सके।

लेकिन मुकुंद बाभरे के मामले ने इन दावों की हकीकत पर बहस छेड़ दी है।

लोगों का कहना है कि कैमरे लगाना अच्छी बात है, मगर उनका असली मकसद तभी पूरा होगा जब उनके जरिए अपराधियों तक जल्दी पहुंचा जा सके। अगर CCTV फुटेज होने के बावजूद आरोपी खुलेआम घूम रहा है तो फिर आम जनता के मन में सवाल उठना लाज़िमी है।

Nagpur की सड़कों पर बढ़ता तेज़ रफ्तार का खतरा

Nagpur में सड़क हादसों की घटनाएं लगातार बढ़ती दिखाई दे रही हैं। खासकर सुबह और देर रात के वक्त कई वाहन चालक नियमों की परवाह किए बिना तेज़ गति से गाड़ी चलाते हैं।

ऐसी लापरवाही की कीमत अक्सर किसी बेगुनाह को अपनी जान देकर चुकानी पड़ती है।

शहर के कई सामाजिक संगठनों का कहना है कि सड़क सुरक्षा को लेकर सख्त कदम उठाने की ज़रूरत है। सिर्फ चालान काटने से काम नहीं चलेगा, बल्कि लोगों में जिम्मेदारी और जागरूकता भी बढ़ानी होगी।

कानून का डर कम होता जा रहा है?

हिट एंड रन के मामलों में एक बात अक्सर सामने आती है कि आरोपी घटना के बाद भागने की कोशिश करता है। इसकी बड़ी वजह कानून का डर कम होना भी माना जाता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि अगर ऐसे मामलों में तेज़ जांच और सख्त सज़ा सुनिश्चित की जाए तो लोगों में कानून का खौफ पैदा होगा। इससे भविष्य में ऐसी घटनाओं पर काफी हद तक रोक लगाई जा सकती है।

सड़क पर वाहन चलाना सिर्फ अधिकार नहीं बल्कि एक बड़ी जिम्मेदारी भी है, जिसे हर चालक को समझना होगा।

Nagpur Police क्या कह रही है?

पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और आरोपी की तलाश के लिए कई टीमों को लगाया गया है। CCTV फुटेज और दूसरे तकनीकी सबूतों की मदद से आरोपी तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।

हालांकि घटना के कई दिन बाद भी गिरफ्तारी न होने से लोगों की बेचैनी बढ़ती जा रही है। हर कोई यही जानना चाहता है कि आखिर CCTV में दिखने वाला आरोपी कब पुलिस की गिरफ्त में आएगा।

72 वर्षीय मुकुंद बाभरे की मौत सिर्फ एक सड़क हादसा नहीं है, बल्कि यह हमारी ट्रैफिक व्यवस्था, सड़क सुरक्षा और जांच तंत्र पर एक बड़ा सवालिया निशान भी है। एक बुज़ुर्ग जो रोज़ की तरह सुबह की सैर पर निकले थे, वह कभी अपने घर वापस नहीं लौट सके।

आज उनका परिवार इंसाफ की राह देख रहा है और Nagpur शहर इस उम्मीद में है कि आरोपी जल्द कानून के शिकंजे में आएगा। जब तक दोषी गिरफ्तार नहीं होता, तब तक यह मामला लोगों के ज़ेहन में एक दर्दनाक याद और कई अनुत्तरित सवाल छोड़ता रहेगा।

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