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Pune की बेकरी की आड़ में चल रहा था ई-सिगरेट का धंधा
महाराष्ट्र में प्रतिबंधित ई-सिगरेट के कारोबार को लेकर Nagpur Police ने एक ऐसी कार्रवाई की है जिसने कई चौंकाने वाले राज़ सामने ला दिए हैं। पुलिस की जांच में पता चला कि Pune की एक बेकरी की आड़ में E cigarette का बड़ा धंधा चलाया जा रहा था। बाहर से यह जगह आम बेकरी जैसी नजर आती थी, लेकिन अंदर ही अंदर लाखों रुपये के प्रतिबंधित उत्पादों का कारोबार होने का शक है।
पुलिस की इस कार्रवाई के बाद अब यह मामला सिर्फ एक शहर तक सीमित नहीं रह गया है। जांच एजेंसियों को अंदेशा है कि इसके तार कई राज्यों तक फैले हो सकते हैं और इसमें कई लोग शामिल हो सकते हैं।
खुफिया जानकारी के बाद हुई कार्रवाई
मामले की शुरुआत उस वक्त हुई जब Nagpur Police को गुप्त सूचना मिली कि पुणे में एक जगह से बड़े पैमाने पर ई-सिगरेट की सप्लाई की जा रही है। खबर मिलने के बाद पुलिस ने पूरी तैयारी के साथ छापा मारा। जब टीम मौके पर पहुंची तो वहां जो कुछ मिला, उसने अधिकारियों को भी हैरान कर दिया।
जांच के दौरान पुलिस को बड़ी संख्या में विदेशी ई-सिगरेट, वेपिंग डिवाइस और अन्य सामान मिला। शुरुआती पड़ताल में सामने आया कि यह माल सिर्फ पुणे या Nagpur के लिए नहीं था, बल्कि दूसरे राज्यों में भी भेजा जा रहा था। यही वजह है कि अब पुलिस इसे इंटरस्टेट तस्करी के एंगल से देख रही है।
लाखों का माल और मोटी नकदी बरामद
छापेमारी के दौरान पुलिस ने करीब 8.78 लाख रुपये कीमत की विदेशी ई-सिगरेट बरामद की। इसके अलावा 22 लिक्विड-फिल्ड वेपिंग डिवाइस भी जब्त किए गए। पुलिस को 569 विदेशी सिगरेट भी मिलीं, जिन पर भारत में जरूरी स्वास्थ्य चेतावनी नहीं थी।
सबसे दिलचस्प बात यह रही कि मौके से करीब 6.66 लाख रुपये नकद भी बरामद हुए। पुलिस को शक है कि यह रकम इसी अवैध कारोबार से जुड़ी हो सकती है। अब नकदी के स्रोत और उससे जुड़े लेन-देन की भी गहराई से जांच की जा रही है।
अधिकारियों का कहना है कि बरामद सामान और नकदी इस बात की तरफ इशारा करते हैं कि कारोबार काफी बड़े स्तर पर चल रहा था और इसमें सिर्फ एक-दो लोग नहीं बल्कि पूरा नेटवर्क शामिल हो सकता है।

बेकरी बनी थी तस्करी का ठिकाना
जांच में सामने आया कि जिस जगह से सामान बरामद हुआ, वहां बेकरी का कारोबार भी चलता था। पुलिस का मानना है कि इसी वैध कारोबार की आड़ लेकर अवैध सामान को स्टोर किया जाता था और फिर अलग-अलग जगहों पर सप्लाई किया जाता था।
ऐसे मामलों में अक्सर तस्कर उन जगहों का इस्तेमाल करते हैं जहां लोगों का आना-जाना सामान्य रहता है। इससे किसी को आसानी से शक नहीं होता और कारोबार लंबे समय तक चलता रहता है।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क का मास्टरमाइंड कौन है और सप्लाई चेन में कौन-कौन लोग शामिल थे।
कई राज्यों तक फैले हो सकते हैं तार
अभी तक की जांच में जो जानकारी सामने आई है, उससे यह मामला काफी बड़ा दिखाई दे रहा है। पुलिस को शक है कि नेटवर्क महाराष्ट्र से बाहर भी सक्रिय हो सकता है। कई राज्यों में ई-सिगरेट की सप्लाई होने की संभावना जताई जा रही है।
इसी वजह से पुलिस डिजिटल रिकॉर्ड, मोबाइल फोन, बैंक ट्रांजैक्शन और अन्य दस्तावेजों की जांच कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि इन सबूतों से नेटवर्क के दूसरे सदस्यों तक पहुंचने में मदद मिलेगी।
जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि माल विदेशों से कैसे मंगाया जा रहा था और उसे अलग-अलग शहरों तक पहुंचाने का पूरा सिस्टम क्या था।
युवाओं में बढ़ती मांग बनी चिंता
ई-सिगरेट पर भारत में प्रतिबंध होने के बावजूद इसकी मांग पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। खास तौर पर युवाओं के बीच वेपिंग और ई-सिगरेट का चलन बढ़ने की वजह से तस्कर इसका फायदा उठाने की कोशिश करते हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि ई-सिगरेट को सुरक्षित समझना एक बड़ी गलतफहमी है। इसके इस्तेमाल से भी स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ सकता है। यही वजह है कि सरकार ने इसके उत्पादन, बिक्री और वितरण पर रोक लगाई हुई है।
इसके बावजूद कुछ गिरोह ज्यादा मुनाफे के लालच में इस कारोबार को जारी रखे हुए हैं। पुलिस की हालिया कार्रवाई इसी तरह के नेटवर्क पर बड़ी चोट मानी जा रही है।
आगे और खुलासों की उम्मीद
पुलिस ने आरोपी और जब्त सामान को Nagpur के पाचपावली पुलिस स्टेशन के हवाले कर दिया है। मामले की जांच लगातार जारी है और अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में कुछ और बड़े खुलासे हो सकते हैं।
संभावना जताई जा रही है कि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी जल्द पहचान हो जाएगी। पुलिस फिलहाल सप्लायर, डिस्ट्रीब्यूटर और फाइनेंसिंग से जुड़े लोगों की तलाश कर रही है।
पुणे की एक साधारण दिखने वाली बेकरी से शुरू हुई यह कहानी अब एक बड़े इंटरस्टेट ई-सिगरेट रैकेट की शक्ल ले चुकी है। Nagpur police की कार्रवाई ने यह साफ कर दिया है कि प्रतिबंध के बावजूद अवैध कारोबार करने वाले नए-नए तरीके तलाश रहे हैं।
हालांकि पुलिस की मुस्तैदी से ऐसे नेटवर्क पर लगातार शिकंजा कसता जा रहा है। अगर जांच इसी रफ्तार से आगे बढ़ी तो आने वाले दिनों में इस पूरे रैकेट के कई और राज़ बेनकाब हो सकते हैं।
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