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बकरीद 2026: Pyare khan का मुस्लिम समाज से Big Massage, कानून का करें सम्मान

बकरीद 2026: Pyare khan का मुस्लिम समाज से Big Massage, कानून का करें सम्मान

Pyare khan ने किया CM Devendra Fadnavis सरकार के फैसले का सपोर्ट

महाराष्ट्र में बकरीद नज़दीक आते ही गाय तस्करी और गैरकानूनी कटाई को लेकर सरकार काफी सख्त दिखाई दे रही है। इसी बीच महाराष्ट्र अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष Pyare Khan ने CM Devendra Fadnavis के फैसले का खुलकर समर्थन किया है। उन्होंने साफ कहा कि कानून सबके लिए बराबर है और किसी को भी कानून हाथ में लेने की इजाज़त नहीं होनी चाहिए।

बकरीद से पहले सरकार का सख्त रुख

इन दिनों महाराष्ट्र सरकार अवैध पशु तस्करी और गैरकानूनी बूचड़खानों पर लगातार कार्रवाई कर रही है। CM Devendra Fadnavis ने साफ शब्दों में कहा है कि अगर कोई संगठित तरीके से गाय तस्करी या अवैध कारोबार में शामिल पाया गया तो उस पर MCOCA जैसा सख्त कानून लगाया जाएगा। सरकार का कहना है कि यह सिर्फ धार्मिक मामला नहीं बल्कि कानून और अमन-चैन का मुद्दा है।

Pyare Khan बोले — कानून का एहतराम जरूरी

Pyare Khan ने अपने बयान में कहा कि हर इंसान को अपने राज्य और मुल्क के कानून का एहतराम करना चाहिए। उन्होंने मुस्लिम समाज से अपील करते हुए कहा कि बकरीद का त्योहार मोहब्बत, भाईचारे और अमन के साथ मनाया जाए। ऐसी कोई हरकत नहीं होनी चाहिए जिससे दूसरे समाज की भावनाओं को ठेस पहुंचे।

उन्होंने कहा कि इस्लाम भी यही सिखाता है कि जहां रहो वहां के कानून का पालन करो। अगर सरकार ने कुछ नियम बनाए हैं तो उनका पालन करना हर नागरिक की जिम्मेदारी है।

“मजहब नहीं, कानून देखेगी सरकार”

प्यारे खान ने यह भी कहा कि पहले कुछ लोग यह समझते थे कि कार्रवाई सिर्फ एक खास समुदाय पर हो रही है, लेकिन अब सरकार ने साफ कर दिया है कि कानून तोड़ने वाला चाहे कोई भी हो, उस पर एक जैसा एक्शन लिया जाएगा।

उनके मुताबिक अगर कोई गाय तस्करी, अवैध कटाई या गैरकानूनी पशु परिवहन में शामिल पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होना बिल्कुल तय है।

बकरीद को लेकर प्रशासन अलर्ट मोड पर

बकरीद के मौके पर हर साल पुलिस और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट रहता है। इस बार भी महाराष्ट्र के कई जिलों में पुलिस ने चेकिंग बढ़ा दी है। हाईवे, बॉर्डर एरिया और संवेदनशील इलाकों में वाहनों की जांच की जा रही है ताकि कहीं से अवैध तरीके से पशुओं की तस्करी न हो सके।

सूत्रों के मुताबिक कई जगहों पर स्पेशल पुलिस टीम भी बनाई गई है जो सोशल मीडिया पर नजर रख रही है ताकि अफवाहें फैलाकर माहौल खराब करने वालों पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।

अधिकृत स्लॉटर हाउस में ही कुर्बानी की अपील

प्यारे खान ने लोगों से कहा कि कुर्बानी सिर्फ अधिकृत स्लॉटर हाउस में ही की जाए। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने इसके लिए जरूरी इंतजाम किए हैं और लोगों को कानून के दायरे में रहकर त्योहार मनाना चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस और प्रशासन का साथ देना हर नागरिक की जिम्मेदारी है। अगर सभी लोग समझदारी दिखाएंगे तो त्योहार खुशी और सुकून के साथ गुजर जाएगा।

सियासी गलियारों में भी तेज हुई चर्चा

प्यारे खान के इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल भी गर्म हो गया है। कुछ लोग उनके बयान की तारीफ कर रहे हैं और इसे सामाजिक सौहार्द बढ़ाने वाला कदम बता रहे हैं। वहीं विपक्ष के कुछ नेता सरकार की सख्ती पर सवाल भी उठा रहे हैं।

हालांकि फडणवीस सरकार अपने फैसले पर पूरी तरह कायम नजर आ रही है। सरकार का कहना है कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा।

सोशल मीडिया पर मिली मिली-जुली प्रतिक्रिया

इस पूरे मामले को लेकर सोशल Media पर भी बहस तेज हो गई है। कुछ लोगों ने प्यारे खान की सोच की तारीफ करते हुए कहा कि त्योहारों को अमन और मोहब्बत के साथ मनाना चाहिए। वहीं कुछ यूजर्स ने सवाल उठाया कि क्या इतने सख्त कानून की जरूरत है।

लेकिन एक बड़ी संख्या ऐसे लोगों की भी दिखाई दी जो यह मानते हैं कि अगर कानून सबके लिए बराबर है तो उसका पालन भी सबको करना चाहिए।

Nagpur समेत कई शहरों में बढ़ी हलचल

Nagpur और महाराष्ट्र के दूसरे शहरों में Bakra Eid की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। बाजारों में रौनक दिखाई देने लगी है, लेकिन प्रशासन किसी भी तरह की लापरवाही के मूड में नहीं है। कई जगहों पर शांति समितियों की बैठकें भी आयोजित की जा रही हैं ताकि त्योहार के दौरान माहौल पूरी तरह शांत बना रहे।

प्रशासन की कोशिश यही है कि बकरीद खुशी, भाईचारे और अमन के साथ मनाई जाए और किसी तरह का विवाद पैदा न हो।

आने वाले दिनों में और बढ़ सकती है सख्ती, सरकारी सूत्रों की मानें तो बकरीद के करीब आते-आते पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई और तेज हो सकती है। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किए जाने की भी चर्चा है।

अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि त्योहार के दौरान हालात कितने शांतिपूर्ण रहते हैं और सरकार की सख्ती का कितना असर जमीन पर दिखाई देता है।

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