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Petrol Diesel फिर हुआ महंगा, Nagpur में Petrol ₹111 के पार पहुंचा
आम आदमी की जेब पर महंगाई का एक और ज़बरदस्त वार हुआ है। Petrol Diesel के बढ़ते दामों ने लोगों का बजट पूरी तरह हिला कर रख दिया है। पिछले 10 दिनों में चौथी बार तेल कंपनियों ने कीमतें बढ़ा दी हैं और अब हालात ये हैं कि Nagpur में पेट्रोल 111 रुपए प्रति लीटर के पार पहुंच चुका है। डीजल भी 100 रुपए के आसपास घूम रहा है।
हर तरफ बस एक ही चर्चा है — “आख़िर ये महंगाई रुकेगी कब?” जो लोग रोज बाइक या कार लेकर काम पर जाते हैं, उनके लिए अब गाड़ी चलाना भी किसी लग्ज़री से कम नहीं लग रहा।
आज फिर लगा जनता को झटका
सोमवार सुबह जैसे ही नए रेट सामने आए, लोगों के चेहरे उतर गए। तेल कंपनियों ने पेट्रोल में 2.61 रुपए प्रति लीटर और डीजल में 2.71 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी कर दी।
इस बढ़ोतरी के बाद Nagpur में पेट्रोल करीब 111.60 रुपए प्रति लीटर तक पहुंच गया। वहीं डीजल के दाम भी 100 रुपए के आंकड़े के बेहद करीब जा पहुंचे हैं।
पेट्रोल पंपों पर लोग बढ़े हुए रेट देखकर हैरान नज़र आए। कई लोगों का कहना था कि अब गाड़ी में तेल भरवाने से पहले भी सौ बार सोचना पड़ रहा है।
10 दिनों में चौथी बार बढ़े दाम
तेल कंपनियों ने मई महीने में धीरे-धीरे करके चार बार दाम बढ़ाए हैं।
पहली बढ़ोतरी 16 मई को हुई थी, तब करीब 3 रुपए प्रति लीटर दाम बढ़े थे।
फिर 19 मई को करीब 90 पैसे का इज़ाफा हुआ।
उसके बाद 22 मई को फिर दाम बढ़ाए गए।
और अब 25 मई को सबसे बड़ा झटका दिया गया।
इन सबको जोड़ दें तो सिर्फ 10 दिनों में पेट्रोल-डीजल करीब 7.5 रुपए प्रति लीटर तक महंगे हो चुके हैं।
यानी जो आदमी पहले 1000 रुपए में आराम से टैंक भरवा लेता था, अब उसे वही काम करने के लिए काफी ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं।
आखिर क्यों बढ़ रहे हैं Petrol Diesel Price?
जानकारों की मानें तो इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। ईरान और मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव की वजह से दुनियाभर में तेल सप्लाई पर असर पड़ा है।
ऊपर से डॉलर के मुकाबले रुपया भी कमजोर हुआ है, जिसकी वजह से भारत को विदेशों से तेल खरीदना और महंगा पड़ रहा है।
क्योंकि भारत अपनी जरूरत का ज्यादातर कच्चा तेल बाहर से मंगाता है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में थोड़ा सा भी उछाल सीधे जनता की जेब पर असर डाल देता है।
अब हर चीज होगी महंगी
Petrol Diesel सिर्फ गाड़ी चलाने के लिए ही जरूरी नहीं होता, बल्कि इसका असर हर चीज पर पड़ता है।
डीजल महंगा होने का मतलब है ट्रांसपोर्ट का खर्च बढ़ना। और जब माल ढुलाई महंगी होगी तो फल, सब्जियां, दूध, राशन और रोजमर्रा की तमाम चीजों के दाम भी बढ़ जाएंगे।
यानी आने वाले दिनों में किचन का बजट भी और बिगड़ सकता है।
नागपुर के कई व्यापारियों का कहना है कि अगर यही हाल रहा तो दुकानों में सामान के रेट बढ़ाना मजबूरी बन जाएगा।
नौकरीपेशा और मध्यम वर्ग सबसे ज्यादा परेशान
सबसे ज्यादा असर मिडिल क्लास और नौकरीपेशा लोगों पर दिखाई दे रहा है।
जो लोग रोज बाइक से ऑफिस जाते हैं, उनका महीने का पेट्रोल खर्च अचानक काफी बढ़ गया है। ऑटो और टैक्सी चालकों की हालत भी खराब है। उनका कहना है कि कमाई उतनी ही है लेकिन खर्च लगातार बढ़ रहा है।
एक ऑटो ड्राइवर ने कहा,
“पहले दिनभर में जितना कमाते थे उसमें घर भी चल जाता था और गाड़ी का खर्च भी निकल जाता था। अब आधी कमाई तो सिर्फ डीजल-पेट्रोल में चली जाती है।”
विपक्ष ने सरकार को घेरा
ईंधन की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी को लेकर विपक्षी पार्टियों ने भी सरकार पर हमला बोला है। विपक्ष का कहना है कि सरकार टैक्स कम करके जनता को राहत दे सकती है, लेकिन ऐसा नहीं किया जा रहा।
वहीं सरकार की तरफ से कहा जा रहा है कि अंतरराष्ट्रीय हालात की वजह से कीमतें बढ़ रही हैं और इसमें सरकार की भूमिका सीमित है।
क्या अभी और बढ़ेंगे दाम?
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर इंटरनेशनल मार्केट में कच्चा तेल महंगा होता रहा तो आने वाले दिनों में पेट्रोल-डीजल के दाम और बढ़ सकते हैं।
यानी फिलहाल जनता को राहत मिलने के आसार कम ही दिखाई दे रहे हैं।
लोगों को डर है कि अगर यही सिलसिला चलता रहा तो आने वाले महीनों में महंगाई और बेकाबू हो सकती है।
जनता ने मांगी राहत
सोशल मीडिया पर भी लोग लगातार बढ़ती महंगाई को लेकर नाराज़गी जाहिर कर रहे हैं। कई लोगों ने सरकार से टैक्स कम करने और कीमतों पर कंट्रोल लगाने की मांग की है।
लोगों का कहना है कि पहले से बिजली बिल, स्कूल फीस और राशन के बढ़े दामों ने परेशान कर रखा है, ऊपर से अब पेट्रोल-डीजल की मार ने हालात और मुश्किल कर दिए हैं।
पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दाम अब सिर्फ एक खबर नहीं रहे, बल्कि आम आदमी की रोजमर्रा की जिंदगी का बड़ा मसला बन चुके हैं। नागपुर में पेट्रोल का 111 रुपए पार जाना साफ इशारा है कि महंगाई अभी और लोगों की परीक्षा लेने वाली है।
अगर जल्द कोई राहत नहीं मिली तो आने वाले दिनों में घर का बजट संभालना और भी मुश्किल हो जाएगा।
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