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Nagpur में ‘Nautapa 2026’ का आगाज़
Nagpur इन दिनों ऐसी तपिश झेल रहा है कि सुबह से ही सड़कों पर सन्नाटा नजर आने लगा है। सूरज की तेज़ किरणें और गर्म हवाओं ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। ऊपर से अब “Nautapa 2026” की शुरुआत हो चुकी है, जिसे गर्मी का सबसे सख्त दौर माना जाता है। मौसम विभाग ने साफ अलर्ट दिया है कि आने वाले 9 दिन विदर्भ के लोगों के लिए काफी भारी पड़ सकते हैं।
Nagpur शहर में तापमान लगातार 45 डिग्री के पार जा रहा है और हालात ऐसे बन चुके हैं कि दोपहर में बाहर निकलना किसी आग के दरिया से गुजरने जैसा महसूस हो रहा है।
क्या होता है नवतपा?
हर साल मई के आखिर में जब सूरज रोहिणी नक्षत्र में दाखिल होता है, तब “नवतपा” शुरू होता है। पुराने लोग कहते हैं कि यही वो दिन होते हैं जब धरती सबसे ज्यादा तपती है। इस दौरान गर्म हवाएं यानी Heatwave alert अपने पूरे शबाब पर होती हैं और तापमान अचानक काफी बढ़ जाता है।
इस बार भी नवतपा ने आते ही अपना रंग दिखाना शुरू कर दिया है। मौसम विभाग का कहना है कि Nagpur समेत पूरे Vidarbha में अगले कई दिनों तक गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद बहुत कम है।
Nagpur बना तंदूर
नागपुर का तापमान 45.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है। सुबह से ही धूप इतनी तेज़ रहती है कि लोगों का घर से निकलना मुश्किल हो गया है। सड़कें दोपहर होते-होते खाली नजर आने लगती हैं और जो लोग मजबूरी में बाहर निकल रहे हैं, उनका हाल बेहाल हो रहा है।
सिर्फ नागपुर ही नहीं, बल्कि अमरावती, अकोला, वर्धा, चंद्रपुर और गढ़चिरौली जैसे जिलों में भी सूरज आग उगल रहा है। कुछ इलाकों में तापमान 47 डिग्री तक पहुंचने की आशंका जताई जा रही है।
मौसम विभाग का Red alert in vidarbha
IMD यानी मौसम विभाग ने विदर्भ के कई जिलों के लिए ऑरेंज और रेड अलर्ट जारी किया है। अफसरों का कहना है कि दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक धूप सबसे ज्यादा खतरनाक साबित हो सकती है।
डॉक्टर भी लोगों को बार-बार हिदायत दे रहे हैं कि बेवजह धूप में निकलने से बचें। क्योंकि इस वक्त थोड़ी सी लापरवाही भी हीट स्ट्रोक का सबब बन सकती है।
गर्मी ने बढ़ाई लोगों की मुश्किलें
नवतपा शुरू होते ही शहर में ठंडे पानी, शिकंजी, गन्ने का रस और नारियल पानी की डिमांड अचानक बढ़ गई है। जगह-जगह लोग ठंडे पेय पदार्थों से राहत पाने की कोशिश कर रहे हैं।
दूसरी तरफ मजदूर, रिक्शा चालक, ट्रैफिक पुलिस और डिलीवरी बॉय जैसे लोग सबसे ज्यादा परेशानी झेल रहे हैं। कई लोग धूप में चक्कर आने और कमजोरी महसूस होने की शिकायत कर रहे हैं।
अस्पतालों में बढ़े मरीज, भीषण गर्मी का असर अब लोगों की सेहत पर साफ दिखाई देने लगा है। अस्पतालों में डिहाइड्रेशन, उल्टी, चक्कर और हीट स्ट्रोक के मरीज लगातार बढ़ रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि छोटे बच्चे, बुजुर्ग और पहले से बीमार लोग ज्यादा खतरे में हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों में खास इंतजाम किए हैं और लोगों से ज्यादा से ज्यादा पानी पीने की अपील की है।
बिजली कटौती ने बढ़ाई टेंशन
एक तरफ आसमान से आग बरस रही है, दूसरी तरफ कई इलाकों में बिजली कटौती ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। लोग रातभर गर्मी में परेशान हो रहे हैं। AC और कूलर भी कई बार जवाब देते नजर आ रहे हैं।
बढ़ती बिजली खपत की वजह से सप्लाई पर दबाव बढ़ गया है। लोगों का कहना है कि अगर यही हाल रहा तो आने वाले दिनों में हालात और ज्यादा खराब हो सकते हैं।
प्रशासन भी अलर्ट मोड पर
नागपुर प्रशासन ने लोगों से एहतियात बरतने की अपील की है। शहर में कई जगह पानी के टैंकर लगाए गए हैं और हेल्थ टीमों को भी अलर्ट पर रखा गया है।
प्रशासन ने लोगों को ये सलाह दी है:
दोपहर में बाहर निकलने से बचें
खूब पानी पिएं
हल्के और सूती कपड़े पहनें
बच्चों और बुजुर्गों का खास ख्याल रखें
धूप में निकलते वक्त सिर ढककर रखें
अगले 9 दिन रहेंगे बेहद मुश्किल
मौसम विभाग के मुताबिक नवतपा के दौरान तापमान और बढ़ सकता है। अगर मौसम में कोई बदलाव नहीं हुआ तो विदर्भ के कई हिस्सों में गर्मी पुराने रिकॉर्ड तोड़ सकती है।
फिलहाल नागपुर और आसपास के इलाकों में लोग बस बारिश और ठंडी हवाओं का इंतजार कर रहे हैं। लेकिन अभी के हालात देखकर यही लग रहा है कि अगले कुछ दिन लोगों को बेहद संभलकर गुजारने होंगे।
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