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Nagpur की Dobi Nagar बस्ती पर संकट
Nagpur के मोमिनपुरा इलाके में स्थित डोबी नगर बस्ती इन दिनों चिंता और बेचैनी के दौर से गुजर रही है। रेलवे की ओर से प्रस्तावित बेदखली और तोड़फोड़ की कार्रवाई की खबर के बाद यहां रहने वाले सैकड़ों परिवारों में डर का माहौल है। लोगों को यह फिक्र सता रही है कि अगर कार्रवाई होती है तो वर्षों से बसे उनके घर और आशियाने उजड़ सकते हैं।
मुख्यमंत्री से लगाई इंसाफ की गुहार
इसी गंभीर मसले को लेकर विधायक विकास ठाकरे के नेतृत्व में प्रभाग-8 के नगरसेवक wasim khan ने मुख्यमंत्री को एक निवेदन सौंपा। इस दौरान नगरसेविका सैयदा निजामुद्दीन अंसारी और डोबी नगर के बड़ी संख्या में नागरिक भी मौजूद रहे।
प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से मांग की कि बिना उचित सर्वेक्षण, जनसुनवाई और वैकल्पिक व्यवस्था किए किसी भी परिवार को उसके घर से बेदखल न किया जाए। उनका कहना था कि पहले प्रभावित लोगों की स्थिति को समझना जरूरी है और उसके बाद ही कोई फैसला लिया जाना चाहिए।
बस्तीवासियों ने भी अपनी बात रखते हुए कहा कि वे कई वर्षों से यहां रह रहे हैं और अचानक होने वाली कार्रवाई उनके पूरे जीवन को प्रभावित कर सकती है। लोगों ने उम्मीद जताई कि सरकार उनकी परेशानियों को गंभीरता से सुनेगी।

सैकड़ों परिवारों के सामने बेघर होने का खतरा
नगरसेवक wasim khan ने कहा कि रेलवे की प्रस्तावित कार्रवाई से सैकड़ों परिवारों के सिर से छत छिन सकती है। उन्होंने बताया कि इस बस्ती में रहने वाले अधिकांश लोग मेहनतकश तबके से जुड़े हैं, जो रोज कमाकर अपने परिवार का गुजारा करते हैं।
अगर बिना पुनर्वास के तोड़फोड़ की कार्रवाई की जाती है तो हजारों लोगों के सामने रहने, रोजगार और बच्चों की पढ़ाई का संकट खड़ा हो सकता है। उन्होंने सरकार से अपील की कि इस मामले को सिर्फ प्रशासनिक नहीं बल्कि इंसानी नजरिए से देखा जाए।
उनका कहना था कि विकास कार्य अपनी जगह जरूरी हैं, लेकिन किसी गरीब परिवार को बेघर करके विकास की इमारत खड़ी करना इंसाफ नहीं कहलाएगा। इसलिए सरकार को प्रभावित नागरिकों के हितों की रक्षा के लिए जरूरी कदम उठाने चाहिए।
पुनर्वास की मांग पर टिकी लोगों की उम्मीदें
बैठक के दौरान dobi नगर के नागरिकों ने विधायक विकास ठाकरे के सामने अपनी तमाम समस्याएं और चिंताएं रखीं। महिलाओं, बुजुर्गों और युवाओं ने बताया कि उनका पूरा जीवन इसी इलाके से जुड़ा हुआ है। ऐसे में अचानक विस्थापन उनके लिए बड़ी मुसीबत बन सकता है।
विधायक विकास ठाकरे ने बस्तीवासियों को भरोसा दिलाया कि उनकी आवाज को हर स्तर पर मजबूती से उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि जब तक प्रभावित परिवारों के लिए सम्मानजनक पुनर्वास की व्यवस्था नहीं हो जाती, तब तक किसी भी प्रकार की बेदखली उचित नहीं होगी।
Dobi नगर के नागरिकों और नगरसेवक wasim khan ने इस मुद्दे को मुख्यमंत्री तक पहुंचाने के लिए विधायक विकास ठाकरे का आभार भी व्यक्त किया। लोगों का कहना है कि अब उनकी निगाहें सरकार के अगले फैसले पर टिकी हुई हैं।
फिलहाल बस्तीवासी यही उम्मीद कर रहे हैं कि सरकार मानवीय दृष्टिकोण अपनाएगी और किसी भी कार्रवाई से पहले उनके पुनर्वास की ठोस और सम्मानजनक व्यवस्था सुनिश्चित करेगी, ताकि किसी परिवार को बेघर होने की नौबत न आए।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि डोबी नगर सिर्फ एक बस्ती नहीं बल्कि हजारों लोगों की जिंदगी और रोज़ी-रोटी का केंद्र है। यहां रहने वाले परिवार वर्षों से इस इलाके में बसे हुए हैं और उन्होंने अपने बच्चों का भविष्य यहीं संवारने की कोशिश की है। ऐसे में पुनर्वास के बिना किसी भी कार्रवाई से लोगों की मुश्किलें कई गुना बढ़ सकती हैं।
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