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सोशल मीडिया पर फैली अफवाहों के बीच MSEDCL ने दी सफाई
Maharashtra में इन दिनों बिजली और सोलर सिस्टम को लेकर एक नई बहस छिड़ी हुई है। सोशल मीडिया पर लगातार ये बातें चल रही थीं कि अब रूफटॉप सोलर लगाने वाले हर शख्स को “Grid support charge” देना पड़ेगा। इस खबर के बाद कई लोग परेशान हो गए थे, खासकर वो लोग जिन्होंने अपने घरों की छत पर सोलर पैनल लगवाए हैं या लगवाने का प्लान बना रहे हैं।
लेकिन अब महाराष्ट्र स्टेट इलेक्ट्रिसिटी डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी यानी महावितरण (MSEDCL) ने इस पूरे मामले पर खुलकर सफाई दी है। कंपनी का कहना है कि राज्य के सिर्फ 0.14 प्रतिशत बिजली उपभोक्ता ही इस चार्ज के दायरे में आएंगे। यानी आम घरेलू उपभोक्ताओं को घबराने की कोई जरूरत नहीं है।
आखिर क्या होता है “Grid support charge”?
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि ये ग्रिड सपोर्ट चार्ज आखिर होता क्या है?
दरअसल जो लोग अपने घर या बिल्डिंग की छत पर सोलर पैनल लगाते हैं, वो दिन में अपनी बिजली खुद तैयार कर लेते हैं। लेकिन रात के वक्त, बारिश में या बादलों वाले मौसम में उन्हें फिर बिजली विभाग के ग्रिड की जरूरत पड़ती है। यानी बिजली कंपनी को हर समय पूरा सिस्टम चालू रखना पड़ता है ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत बिजली सप्लाई दी जा सके।
इसी सिस्टम को बनाए रखने में जो खर्च आता है, उसी को लेकर ग्रिड सपोर्ट चार्ज की बात की जा रही है।
छोटे घरेलू उपभोक्ताओं को नहीं होगा नुकसान
महावितरण ने साफ कहा है कि छोटे और मध्यम वर्ग के घरेलू उपभोक्ताओं पर इसका कोई खास असर नहीं पड़ेगा। ये चार्ज मुख्य तौर पर उन बड़े उपभोक्ताओं पर लागू हो सकता है जो ज्यादा क्षमता वाले सोलर सिस्टम इस्तेमाल कर रहे हैं और जिनकी बिजली खपत भी काफी ज्यादा है।
यानि अगर किसी आम इंसान ने अपने घर के बिजली बिल को कम करने के लिए छोटा सा सोलर सिस्टम लगाया है, तो उसे फिलहाल डरने की जरूरत नहीं है।
Maharashtra में तेजी से बढ़ रहा है सोलर का इस्तेमाल
पिछले कुछ सालों में Maharashtra में सोलर एनर्जी का इस्तेमाल काफी तेजी से बढ़ा है। शहरों के साथ-साथ छोटे कस्बों और गांवों में भी लोग अब बिजली बिल कम करने के लिए सोलर पैनल की तरफ रुख कर रहे हैं।

सरकार भी लगातार लोगों को सौर ऊर्जा अपनाने के लिए प्रोत्साहित कर रही है। सब्सिडी स्कीम, आसान लोन और कम होते सोलर उपकरणों के दामों की वजह से अब आम लोग भी इस तरफ दिलचस्पी दिखा रहे हैं।
कई हाउसिंग सोसायटी और बड़ी कमर्शियल बिल्डिंग्स ने भी अब अपने यहां बड़े पैमाने पर सोलर सिस्टम लगाना शुरू कर दिया है।
बिजली कंपनियों पर भी बढ़ रहा है दबाव
ऊर्जा विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले वक्त में भारत में बिजली की मांग और ज्यादा बढ़ने वाली है। इलेक्ट्रिक गाड़ियों का बढ़ता इस्तेमाल, नए उद्योग और लगातार बढ़ती आबादी की वजह से बिजली नेटवर्क पर दबाव बढ़ रहा है।
ऐसे में बिजली कंपनियों के सामने सबसे बड़ा चैलेंज ये है कि वो हर हाल में लगातार और बिना रुकावट बिजली सप्लाई देती रहें। इसके लिए ग्रिड सिस्टम को मजबूत बनाना बेहद जरूरी माना जा रहा है।
महावितरण का कहना है कि अगर ग्रिड मजबूत रहेगा तभी पूरे राज्य में बेहतर बिजली सप्लाई दी जा सकेगी।
Nagpur समेत कई शहरों में हो रहा बिजली नेटवर्क मॉडर्न
Maharashtra के कई शहरों में बिजली नेटवर्क को आधुनिक बनाने का काम भी शुरू हो चुका है। नागपुर में करोड़ों रुपये की बड़ी परियोजनाओं पर काम चल रहा है। इसमें नए सब-स्टेशन, अंडरग्राउंड केबल और आधुनिक ट्रांसफॉर्मर लगाए जा रहे हैं ताकि बिजली कटौती और लो वोल्टेज जैसी परेशानियों को कम किया जा सके।
बिजली विभाग का मानना है कि आने वाले वक्त में स्मार्ट ग्रिड सिस्टम ही भविष्य होगा और उसी दिशा में काम किया जा रहा है।
लोगों में अब भी बनी हुई है चिंता
हालांकि महावितरण की सफाई के बाद भी कई लोगों के मन में सवाल बने हुए हैं। कुछ उपभोक्ताओं का कहना है कि अगर आगे चलकर ऐसे चार्ज बढ़ते गए तो लोग सोलर सिस्टम लगाने से पीछे हट सकते हैं।
लोगों का मानना है कि सरकार को सोलर एनर्जी को बढ़ावा देना चाहिए क्योंकि इससे बिजली बिल कम होता है और पर्यावरण भी सुरक्षित रहता है।
कई सोलर कारोबारियों का भी कहना है कि फिलहाल महाराष्ट्र में सोलर मार्केट तेजी से बढ़ रहा है और लोग इसमें काफी दिलचस्पी दिखा रहे हैं।
अफवाहों से बचने की अपील, महावितरण ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर चल रही हर खबर पर यकीन न करें। कंपनी का कहना है कि कई भ्रामक बातें फैलाई जा रही हैं जिससे लोगों में बेवजह डर पैदा हो रहा है।
कंपनी ने कहा कि सही जानकारी सिर्फ आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स और भरोसेमंद खबरों से ही लेनी चाहिए।
आगे क्या हो सकता है?
ऊर्जा क्षेत्र के जानकारों का कहना है कि आने वाले वक्त में सरकार को ऐसा संतुलन बनाना होगा जिसमें बिजली कंपनियों और Solar Users दोनों का फायदा हो।
एक तरफ बिजली ग्रिड को मजबूत रखना जरूरी है, वहीं दूसरी तरफ सोलर एनर्जी को बढ़ावा देना भी उतना ही अहम है ताकि देश कोयले पर कम निर्भर हो और प्रदूषण में कमी आए।
फिलहाल राहत की बात यही है कि महावितरण के मुताबिक महाराष्ट्र के बहुत कम उपभोक्ता ही इस नए ग्रिड सपोर्ट चार्ज के दायरे में आएंगे। इसलिए आम घरेलू उपभोक्ताओं को ज्यादा परेशान होने की जरूरत नहीं दिखाई दे रही है।
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