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Nagpur में big Coal Scam! CBI रेड में 1400 मीट्रिक टन कोयले की हेराफेरी का खुलासा

Nagpur में big Coal Scam! CBI रेड में 1400 मीट्रिक टन कोयले की हेराफेरी का खुलासा

Nagpur में कोयले का बड़ा खेल! CBI की रेड के बाद मचा हड़कंप

Nagpur जिले के पारशिवनी इलाके से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने पूरे वेकोलि महकमे में हलचल मचा दी है। डुमरी खुर्द रेलवे कोयला साइडिंग पर CBI की अचानक हुई छापेमारी के बाद बड़े पैमाने पर कोयले की हेराफेरी का राज खुलता नजर आ रहा है। शुरुआती जांच में करीब 1400 मीट्रिक टन से ज्यादा कोयले के गायब होने और उसे खुले बाजार में बेचने की बात सामने आई है।

इस कार्रवाई के बाद रेलवे, वेकोलि और ठेकेदारों के बीच बेचैनी का माहौल बना हुआ है। हर तरफ यही चर्चा है कि आखिर इतने बड़े स्तर पर कोयले का खेल कैसे चलता रहा और किसी को भनक तक नहीं लगी।

शिकायत के बाद हरकत में आई CBI

बताया जा रहा है कि लंबे वक्त से डुमरी खुर्द साइडिंग में घटिया या खराब क्वालिटी का कोयला बताकर गड़बड़ी किए जाने की शिकायतें मिल रही थीं। कहा जा रहा था कि असली कोयले को दूसरी जगह बेचकर रिकॉर्ड में कुछ और दिखाया जा रहा है।

इन्हीं शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए CBI और वेकोलि के सतर्कता विभाग की टीम ने संयुक्त कार्रवाई की। दक्षिण-पूर्व मध्य रेलवे यानी SECR के तहत आने वाली इस साइडिंग पर जैसे ही जांच शुरू हुई, कई चौंकाने वाली बातें सामने आने लगीं।

20 ट्रकों के जरिए कोयला बाहर भेजने का शक

जांच एजेंसियों को जानकारी मिली है कि मार्च महीने में कई ट्रकों के जरिए बड़ी मात्रा में कोयला दूसरी जगह भेजा गया। बताया जा रहा है कि 21 मार्च को 4 ट्रकों में कोयला भरकर बाहर ले जाया गया था। इसके बाद 24 मार्च को करीब 800 मीट्रिक टन कोयला 16 ट्रकों के जरिए दूसरी जगह पहुंचाया गया।

अब CBI इन सभी 20 ट्रकों का पूरा रिकॉर्ड खंगाल रही है। ट्रकों ने कौन सा रास्ता लिया, कोयला कहां पहुंचाया गया और इसके पीछे कौन लोग शामिल थे, इसकी तहकीकात की जा रही है। जांच एजेंसियां GPS रिकॉर्ड, गेट पास और ट्रांसपोर्ट से जुड़े कागजात भी खंगाल रही हैं।

छापेमारी में मिले कई अहम दस्तावेज

CBI की रेड के दौरान कई जरूरी दस्तावेज और रिकॉर्ड जब्त किए गए हैं। इनमें ट्रकों के गेट पास, कोयले के सैंपल, ट्रांसपोर्ट रिकॉर्ड, ठेकेदारों से जुड़े कागजात और डिस्पोजल सिस्टम की फाइलें शामिल हैं।

सूत्रों के मुताबिक जांच एजेंसियों को कुछ ऐसे रिकॉर्ड भी मिले हैं जिनसे यह शक और गहरा हो गया है कि मामला सिर्फ छोटी-मोटी गड़बड़ी का नहीं बल्कि बड़े नेटवर्क का हो सकता है।

अब यह भी देखा जा रहा है कि इस पूरे खेल में कौन-कौन लोग शामिल थे और किसकी निगरानी में यह सब होता रहा।

वेकोलि अफसरों में बेचैनी

CBI की कार्रवाई के बाद वेकोलि प्रबंधन में हड़कंप मचा हुआ है। कई अधिकारियों और कर्मचारियों से पूछताछ की तैयारी चल रही है। अंदरखाने यह भी चर्चा है कि कुछ ठेकेदारों की भूमिका बेहद संदिग्ध मानी जा रही है।

जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या यह खेल लंबे समय से चल रहा था या हाल ही में इसमें तेजी आई। अगर जांच में गड़बड़ी साबित होती है तो कई लोगों पर भ्रष्टाचार और सरकारी संपत्ति की हेराफेरी के गंभीर मामले दर्ज हो सकते हैं।

डुमरी खुर्द साइडिंग क्यों है इतनी अहम?

डुमरी खुर्द रेलवे साइडिंग नागपुर इलाके की एक अहम कोयला सप्लाई लाइन मानी जाती है। यहां इंदर-कामठी डीप ओपन कास्ट माइंस, गोडेगांव प्रोजेक्ट और दूसरी खदानों से भारी मात्रा में कोयला लाया जाता है।

इसके बाद रेलवे के जरिए अलग-अलग जगहों और उद्योगों तक इसकी सप्लाई की जाती है। ऐसे में यहां किसी भी तरह की गड़बड़ी सीधे सरकारी राजस्व और सप्लाई सिस्टम को नुकसान पहुंचा सकती है।

पहले भी उठ चुके हैं सवाल

कोयला सेक्टर में गड़बड़ी और अवैध बिक्री के मामले पहले भी सामने आते रहे हैं। कई बार अधिकारियों, ट्रांसपोर्टरों और ठेकेदारों की मिलीभगत के आरोप लगे हैं। यही वजह है कि इस बार CBI की कार्रवाई को काफी अहम माना जा रहा है।

इलाके के लोगों का कहना है कि अगर जांच पूरी ईमानदारी से हुई तो कई बड़े नाम सामने आ सकते हैं। फिलहाल पूरे मामले की गहन जांच जारी है और आने वाले दिनों में और भी बड़े खुलासे होने की उम्मीद जताई जा रही है।

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